← Bulk catalogue
Manifestation Journal · Hindi

Manifestation Journal in bulk

Hindi · GST 0% · for Companies

25–99 copies ₹709 each
100–299 copies YOUR PRICE₹629 each
300–999 copies ₹549 each(quotation)
1,000+ copiesSpecial price on quotation

100 × ₹629

₹62,900

🚚 Delivered by about Wed, 11 Nov after payment — our print room confirms the date on your quotation.

Delivery to one address is included. Bulk orders are prepaid; cash on delivery is not available.

About this book

  • रोज़ का 3-6-9 अभ्यास
  • scripting — ऐसा हो चुका है
  • मेरा विज़न बोर्ड
  • तीन चक्र, तीन रंगोलियाँ
  • पड़ाव और चक्र की समीक्षा
  • 144 पन्ने · B5 · बिना तारीख़ के
Read the full description ▾

सपना लिखिए — रास्ता भी लिखिए

manifestation पर लिखने को बहुत कुछ है। करने की जगह कहीं नहीं थी। यह journal वही जगह है — 90 दिन, तीन चक्र, रोज़ का एक पन्ना।

यहाँ दो चीज़ें साथ चलती हैं। एक तरफ़ वो अभ्यास जिन पर आप भरोसा करते हैं — scripting, 369, शुक्रिया, विज़न बोर्ड। दूसरी तरफ़ हर दिन एक सवाल जो कोई और नहीं पूछता: आज आपने क्या किया?

रोज़ का पन्ना — सुबह 3, दिन 6, रात 9

369 — पूरा तरीक़ा, एक पन्ने पर

सुबह तीन बार, दिन में छह, रात में नौ। एक ही वाक्य, अपने हाथ से। कब लिखना है, कितनी बार, और किस वाक्य के साथ — सब अंदर लिखा है।

ऐसा हो चुका है

scripting का पन्ना आने वाले दिन को बीता हुआ मानकर लिखवाता है। और उसमें एक पंक्ति ऐसी है जो बाक़ी सब से अलग करती है — "मैंने क्या किया जो यह हुआ।" अगले तीस दिन के क़दम वहीं से निकलते हैं।

scripting का पन्ना — ऐसा हो चुका है

जो किया, वह दिखता है

हर चक्र के साथ एक 30 हिस्सों की रंगोली । जिस दिन अभ्यास हुआ, एक हिस्सा रंग दीजिए। तीस दिन बाद आपके सामने एक पूरी तस्वीर होती है — और वो तस्वीर आपने बनाई होती है।

तीन चक्र, तीन रंगोलियाँ

अंदर क्या-क्या है

तीन सपने, तीन पहले क़दम — तीन से ज़्यादा नहीं, और हर सपने का पहला क़दम कब-कहाँ तय करके।

मेरा विज़न बोर्ड — चिपकाने या बनाने के लिए, और नीचे यह लिखने के लिए कि क्यों चुना।

मुख्य वाक्य — तीन नियम, तीन draft, और फिर वो एक वाक्य।

पड़ाव समीक्षा — दस-दस दिन पर रुककर देखने के लिए।

भविष्य से एक चिट्ठी — नब्बे दिन बाद के लिए।

ईमानदारी से

यह journal किसी नतीजे की गारंटी नहीं देता। जो बदलाव आता है, वह आपके अपने क़दमों से आता है। यह उन क़दमों को लिखने, गिनने और याद रखने की जगह है — इससे ज़्यादा कुछ होने का दावा हम नहीं करते।

यह शिक्षा और self-development के लिए है। यह चिकित्सा, मानसिक स्वास्थ्य, वित्तीय या क़ानूनी सलाह नहीं है।

किताब के बारे में

144 पन्ने · B5 आकार · बिना तारीख़ के — जिस दिन खोलिए, दिन 1 वहीं से। जनवरी का इंतज़ार नहीं।

डिलीवरी

पूरे भारत में डिलीवरी। कैश ऑन डिलीवरी उपलब्ध है, और ऑनलाइन पेमेंट पर छूट मिलती है।

जिस दिन खोलिए, दिन 1सुबह तीन बारहाथ में कितनी बड़ी

किसी नतीजे की गारंटी नहीं देता।

कुछ अपने आप नहीं हो जाता — हर दिन एक क़दम आपको उठाना है।

यह किसी धर्म, गुरु या ब्रह्मांड का दावा नहीं करता।

यह करने की जगह है — सोचने की नहीं।

यह journal किसी नतीजे की गारंटी नहीं देता। जो बदलाव आता है, वह आपके अपने क़दमों से आता है।

देने के लिए